ऑर्गेनिक फूड -Healthy फूड

ऑर्गेनिक फूड -Healthy फूड

Health का सीधा सम्बन्ध डाइट से है। स्वस्थ खानपान की दिशा में एक कदम है ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ [Organic food] ।स्वस्थ रहने के लिए लोग अब तेजी से ऑर्गेनिक फूड अपना रहे हैं। इसे सेहत के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है।

जानिए इसके फायदे:

Organic food’s में किसी भी तरह का केमिकल नहीं होने की वजह से इसका सेवन फायदेमंद है. यह शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है. – इसके शरीर पर किसी भी तरह के कोई साइड-इफेक्ट नहीं होते हैं. – इसमें पूरे विटामिन , मिंरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम आदि होते हैं. ऑर्गेनिक चीजों में आम तरीके से उगाई फसल के मुकाबले अधिक पोषक तत्व होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इन्हें जिस मिट्टी में उगाया जाता है वो अधिक उपजाऊ होती है, जिसमें फसल बेहतर होती है। इस वजह से इन उत्पादों में विटामिन और मिनरल अधिक होते हैं।
कई अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि ऑर्गेनिक उत्पादों में  एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा होते हैं क्योंकि कीटनाशकों के केमिकल उन अलग-अलग पोषक तत्वों को प्रभावित नहीं कर पाते, जो आपकी सेहत के लिए अच्छे हैं। नुकसानदायक केमिकल न होने से बिना ऑर्गेनिक उत्पाद मिट्टी, हवा और पानी को कम से कम नुकसान पहुंचाते हैं।

ऑर्गेनिक फूड में क्या खास है? क्यों खाते हैं लोग यह महंगा खाना?

शरीर को बीमारियां के घेर लेने का एक बड़ा कारण है आपका खान-पान। खाने-पीने की चीजें हमें खेतों से मिलती है, ज्यादा उत्पादन पाने के लिए आजकल खेती में केमिकल औरफर्टिलाइजर का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है, लेकिन ऐसा अनाज कई बीमारियों का कारण बन रहा है। कीटों को मारने के लिए जिन रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है, वह भी हानिकारक हैं। ऐसी स्थिति से तब ही छुटकारा मिल सकता है जब बिना रसायन प्राकृतिक रूप से उगाए गए फल, सब्जियां मिलें। इसलिए ऑर्गेनिक फूड एक बेहतर विकल्प है।

ऑर्गेनिक फूड में किसी भी प्रकार के रसायन का उपयोग नहीं किया जाता है और ये प्रकृति के संतुलन के साथ उगाए जाते हैं। इन फल और सब्जियों की उपज के दौरान उनका आकार बढ़ाने या समय से पहले पकाने के लिए किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसे जैविक खेती भी कहा जाता है। ऑर्गेनिक फूड ऑर्गेनिक फार्म में उगाए जाते हैं

सामान्य खाद्य पदार्थों के मुकाबले ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की पैदावार कम है और मांग ज्यादा है। ऑर्गेनिक फूड के उत्पादन में मेहनत और समय दोनों ज्यादा लगते हैं। ऑर्गेनिक उत्पादों को स्टोर करना भी महंगा पड़ता है। इसी कारण ऑर्गेनिक फूड की कीमतें सामान्य फूड आइटम्स की तुलना में ज्यादा होती हैं। इसके अलावा इनका सर्टिफिकेशन भी महंगा होता है।

बीमारियों से दूर रखता है ऑर्गेनिक फूड
ऑर्गेनिक फूड में मौजूद पोषक तत्व दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर की समस्या, माइग्रेन, मधुमेह और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव करता है। इसमें फैट नहीं होता, जिसके कारण आपका वजन भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
Organic food ऐसे पहचानें
बाजार में तमाम तरह के फल और सब्जियां उपलब्ध हैं, जो देखने में कुछ ज्यादा ही फ्रेश लगते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे ऑर्गैनिक हैं। किचन में रखी साबुत दालों मूंग, उडद के अलावा आटा, मैदा, चावल में कीडा या घुन लग रहा हो तो यह संकेत है कि किचन काफी हद तक ऑर्गेनिक है। कीडे जानते हैं कि नॉन-ऑर्गेनिक खाना सेहतमंद नहीं है। पालक, सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में कीडों का होना भी बताता है कि इनमें खाद का प्रयोग कम किया गया है। साफ-सुथरे, बहुत ताज्ो और चमकदार दिखने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना ही अच्छा है। घुन देख कर दाल-चावल फेंक देते हों तो यह तरीका आज्ामाएं। दाल-चावल को पानी से साफ करें। दो-तीन मिनट तक नमक मिले पानी में भिगोएं और फिर साफ पानी से धो लें।

ऑर्गैनिक फूड आइटम्स सर्टिफाइड होते हैं या छपे होते हैं। इन पर सर्टिफाइड स्टिकर्स लगे होते हैं या छपे होते हैं। इनका स्वाद भी नॉर्मल फूड से थोड़ा अलग होता है। ऑर्गैनिक मसालों की गंध नॉर्मल मसालों की तुलना में तेज होती है। इसी तरह ऑर्गैनिक सब्जियां गलने में ज्यादा टाइम नहीं लेतीं। जल्दी पक जाती हैं।

ऐसे बढ़ें ऑर्गैनिक की ओर

अक्सर लोग चाहकर भी ऑर्गैनिक फूड्स शुरू नहीं कर पाते। वजह फेवरिट ब्रैंड का स्वाद, पास की ग्रॉसरी शॉप पर इन फूड आइट्म्स का उपलब्ध न होना और महंगा होना आदि हो सकती है। आप इन आसान स्टेप्स को अपना कर ऑर्गैनिक सफर शुरू कर सकते हैं:-

पूरी ग्रॉसरी लिस्ट को बदलने की न सोचें। थोड़े से शुरू करें। मसलन पहले चावल से शुरू करें। रेड, ब्राउन या बिना पॉलिश वाला, कोई भी चावल चुनें और हफ्ते में कम-से-कम 2 बार यह वाला चावल खाएं। फिर धीरे-धीरे संख्या बढ़ा दें। ब्राउन राइस ज्यादा पौष्टिक होता है और लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास कराता है। यह वजन कम करने में भी मदद करता है। इसी तरह वाइट शुगर के बजाय गुड़, शक्कर या खांड का इस्तेमाल शुरू करें। इनमें आयरन ज्यादा मात्रा में होता है और रिफाइन नहीं होने की वजह से ये हेल्थ को नुकसान भी नहीं पहुंचातीं।

मौसमी हरी सब्जियों जैसे कि पालक, मेथी, चौलाई, पुदीना, धनिया आदि से शुरू करें। मौसमी होने की वजह से इन्हें खाना यूं भी सेहत के लिए अच्छा है।

ऑर्गैनिक को अपनी पूरी लाइफस्टाइल में शामिल करें। ऑर्गैनिक साबुन, लोशन और नॉन-सिंथेटिक टूथपेस्ट को शुमार करें। अगर बाल कलर करते हैं तो केमिकल-फ्री प्रॉडक्ट यूज करें। इस तरह आप शरीर पर केमिकल के लोड को कम कर पाएंगे।

अपने खानपान में हल्का बदलाव करके भी आप ऑर्गैनिक लाइफ की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। मसलन, वाइट राइस के बजाय ब्राउन राइस खाना शुरू करें।

नॉर्मल फूड को बनाएं सेफ
अगर आप ऑर्गैनिक फूड की बजाय नॉर्मल फूड खा रहे हैं तो कुछ चीजों का ध्यान रखें:-

किसी एक स्टोर के बजाय अलग-अलग जगहों से और अलग-अलग ब्रैंड के फूड आइट्म खरीदें। इससे आप को बेहतर न्यूट्रिएंट मिल पाएंगे। साथ ही कोई एक पेस्टिसाइड लगातार आपके शरीर में जाने से बच जाएगा।

सीजनल फल और सब्जियां खरीदें। लोकल फार्मस मार्केट से खरीदारी करें।

दालों को बहते पानी में अच्छी तरह धोएं। करीब आधे घंटे भिगोकर रखें और इस पानी को फेंक दें। फिर ताजे पानी में उबालें।

एक लीटर पानी में 1 मिलीलीटर पोटैशियम परमैग्नेट मिलाकर घोल बनाएं। फलों और सब्जियों (खासकर पत्तेदार सब्जियों) को इस घोल में 15-20 मिनट तक भिगोकर रखें। ऐसा करने से इनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स निकल जाते हैं। पोटैशियम परमैग्नेट अगर सॉलिड फॉर्म में है तो 1 लीटर पानी के लिए 1 ग्राम काफी रहेगा।

पोटैशियम परमैग्नेट वैसे तो नजदीकी केमिस्ट से मिल जाएगा। ना मिले तो कम-से-कम 1 चम्मच नमक मिले पानी में जरूर फल और सब्जियों को 30 मिनट के लिए डुबोकर रखें।

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